आज कितना बदल गया है इंसान...?

गणतंत्र को बचाना है तो भ्रष्ट मंत्रियों को जनयुद्ध के जरिये सरे आम फांसी देनी होगी......

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रविवार, 11 जुलाई 2010

असल गणतंत्र,असली आजादी और पुलिस कि भूमिका ........

जरा सोचिये क्या आपके साथ ऐसा हुआ है कभी कि, आपने पुलिस के किसी अधिकारी से किसी के सुरक्षा कि गुहार लगायी हो और वह अधिकारी तुरंत ही उसपर पूरी तत्परता से एक सच्चे समाज सेवक कि तरह लग गया हो और खुद आपको फोन कर यह जानने का कई बार प्रयास कर रहा हो कि "बताइए सुरक्षा पहुंची या नहीं ,दोषियों के खिलाप कार्यवाही हुयी कि नहीं ?"

पिछले दिनों ऐसा ही हुआ हमारे साथ ,हालाँकि  हम हमेशा से मानते रहें हैं कि अभी भी सरकारी व्यवस्था में इमानदार,सच्चे,अच्छे और देशभक्त लोग मौजूद हैं,वह चाहे पुलिस हो,खुपिया व्यवस्था हो ,प्रशासनिक व्यवस्था हो या अन्य किसी भी प्रकार कि सरकारी सेवा हो | लेकिन भ्रष्टाचार का कोढ़ और भ्रष्ट लोगों का दवाब ज्यादातर अधिकारी नहीं झेल पाते हैं जिससे व्यवस्था सडती जा रही है | व्यवस्था को सडन से बचाने के लिए आम लोगों कि निडरता नामक कीटनाशक कि जरूरत है जिससे ना सिर्फ सडन कम होगी बल्कि अच्छे,सच्चे,देशभक्त और इमानदार अधिकारियों में भ्रष्टाचार का कीड़ा भी नहीं लगेगा |

इस देश का एक इमानदार पुलिस अधिकारी जिनका नाम श्री जसवीर सिंह है जो DIG UP पुलिस  के पद पर कार्यरत हैं ने एक सच्चे और इमानदार समाज सेवक कि  तरह काम किया और दूसरे अधिकारियों  श्री नीलेश कुमार SSP बुलंदशहर को भी ईमानदारी से काम करने को प्रेरित कर एक सच्चे ,अच्छे,देशभक्त और ईमानदारी से समाज और देश में बदलाव लाने का प्रयास कर रहे श्री राम बंसल जी को दूर दराज के गांव में भी समुचित सुरक्षा पहुंचाकर असल गणतंत्र,असली आजादी और पुलिस कि भूमिका का सच्चा अहसास  कराया | 

निश्चय ही यह एक ऐसी घटना है जिससे देश भर के सभी पुलिस अधिकारियों को प्रेरणा लेकर ईमानदारी से काम करने कि जरूरत है | उपर्युक्त दोनों पुलिस अधिकारियों कि निडरता भरी कार्यप्रणाली सराहनीय ,वंदनीय व अनुकरणीय है | ऐसे ही अधिकारियों से यह देश और समाज व्यवस्था के सडन के बाबजूद घिसट कर ही सही लेकिन आगे बढ़ रहा है ,जिस दिन ऐसे गिने चुने लोग भी ईमानदारी और अपने कर्तव्य को भूल जायेंगे उस दिन ये देश और समाज नहीं बचेगा |

आप लोग चाहें तो श्री जसवीर सिंह जी को उनके इस नेक और एक पुलिस अधिकारी के रूप में सच्चे समाज सेवक कि तरह काम करने के लिए स्वयं भी उनके इ.मेल- jasvir70@gmail.com पर ईमेल कर आभार व्यक्त कर सकते हैं | श्री जसवीर सिंह जी जैसे लोगों से ही सच्चे,अच्छे,देशभक्त और इमानदार लोगों के जज्बों में  मजबूती आती है |

ऐसे पुलिस अधिकारी गाँधी जी के उस सपने को भी साकार कर रहें है कि "गाँधी जी अपने देश के पुलिस को एक सच्चे सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में देखना चाहते थे " निश्चय ही हमारे देश कि सारी पुलिस  व्यवस्था  जिस दिन से एक सच्चे सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में काम करने लगेगा उस दिन से इस देश और समाज में बदलाव आना शुरू हो जायेगा | भारत सरकार को  श्री जसवीर सिंह जी जैसे लोगों को पुलिस को सामाजिक कार्यकर्ता बनाने का कार्यभार जरूर देना चाहिए ,जिसकी आज बहुत जरूरत है | 

श्री राम बंसल जी आज के सच्चे स्वतंत्रता सेनानी ....

श्री जसवीर सिंह जी आज के स्वतंत्रता सेनानी के रक्षक व सही मायने में एक इमानदार पुलिस अधिकारी जिसमे एक सच्चे सामाजिक कार्यकर्ता का असल जज्बा भी है |