आज कितना बदल गया है इंसान...?

गणतंत्र को बचाना है तो भ्रष्ट मंत्रियों को जनयुद्ध के जरिये सरे आम फांसी देनी होगी......

रविवार, 4 फ़रवरी 2018

आपका जवाब महत्वपूर्ण है क्योंकि यह देश और समाज के हालात को सुधारने में मददगार होगा।

प्यारे देशवासियो,

हमने एक परिचर्चा का आयोजन किया है जिसमें आपको केवल तीन सवालों के जवाब सिर्फ तीन-तीन सौ शब्दों में देने का आग्रह है। ये तीनो सवाल इस लिंक पर हैं। आपका जवाब महत्वपूर्ण है क्योंकि यह देश और समाज के हालात को सुधारने में मददगार होगा। 

1. उच्च संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के पास हर सबूत_गवाह को मिटाने की क्षमता होती है । इसलिए,अगर उन पर हत्या,बलात्कार,लूट या गद्दारी का आरोप लगे तो सरकारी टीवी चैनल पर उनकी ब्रेनमैपिंग/लाइ डिटेक्टर टेस्ट होना चाहिए या नहीं ? 

2. ऐसी कौन सी व्यवस्था हो जिससे कोई भी पार्टी संवैधानिक लूट (जैसा कि विदेशी डील में होता है जिसमें हज़ारों करोड़ रूपए की दलाली दी जाती है) प्रमाणित होने पर सज़ा से बच न सके ?

3. हर पार्टी के नेता उद्योगपतियों के जरिये देश,समाज को लूटते हैं उनको अनैतिक फायदा पहुंचाकर और सरकारी उद्योग-धंधों को बंद कर अपने सत्ता में बने रहने और सामान्य, सच्चे नागरिकों को सत्ता से दूर रखने की आवारा पूंजी वाली व्यवस्था करते हैं। यही व्यवस्था देश की जनता को लूटती है और भ्र्ष्ट नेता/सांसद/विधायक को मालामाल करती है। आख़िर, यह व्यवस्था कैसे ख़त्म हो ताकि कोई भी सांसद या पार्टी भविष्य में ऐसा न कर पाये ?

इस परिचर्चा में भाग लेने वाले चार सर्वोत्तम जवाबों को ढाई-ढाई हज़ार रूपये के पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा और इंटरनेट पर उन्हें समुचित कवरेज़ भी दिलाया जाएगा।

शुक्रवार, 1 सितंबर 2017

संवैधानिक बेशर्मी और बेहयापन का अंत कैसे ?

मेरे प्यारे देशवासियों , 
देश की सभी जाँच एजेंसियां ,संवैधानिक संस्थाएं,यहाँ तक की देश के प्रधानमंत्री और देश के सुरक्षा सलाहकार भी अपने कर्तव्निष्ठता के साथ आपराधिक लापरवाही बरत रहें हैं ,चारो तरफ #अराजकता_लूट_शर्मनाकभ्र्ष्टाचार_देशकेनागरिकोंकोठगना_धोखा देना और कोई सच्चा नागरिक  आवाज उठाये तो उसे पूरी सरकारी ताकत से दबा देना यही अब भारत सरकार का #कर्म_कुकर्म बन गया है,#गद्दार_लुटेरे वो भी बरे_बरे सत्ता में बैठे लोगों के सहयोगी नहीं बल्कि साझेदार हैं ? ऐसे में सवाल उठता है की देश की व्यवस्था कैसे ठीक होगी एक तरफ सच्चे नागरिकों के पास #ईमानदारी_नैतिकता का 15000 से 50000 है तो दूसरी और #गद्दार_लुटेरों के पास 15000 करोड़ से 500000 करोड़ की लूट की दौलत जिससे वो हर #सच्चेनागरिक की आवाज को कभी भी किसी प्रकार से दबा सकते हैं ,ऐसे में गंभीर सवाल की भारत सरकार सिर्फ #गद्दार_लुटेरों की सुरक्षा के लिए है या #सच्चे_सद्चरित्र_देशभक्त_नैतिक नागरिकों की रक्षा के लिए ये कौन तय करेगा और कैसे तय होगा ? पूरे देश की मीडिया आवारा पूंजी के मदारी के डोर पे नाच रहा है जो पत्रकार #सत्य_नैतिकता_न्याय के लिए काम कर रहे हैं उनको किसी भी प्रकार की ना तो सरकारी सहायता मिलती है और ना ही सुरक्षा जो #गद्दार_लुटेरों के इशारे पे प्रोपेगेंडा फैलाते हैं उनको हर तरह की सुख सुविधा मिली हुयी है ? #सच्चाई_अच्छाई के मार्ग पर चलकर जीना आज मुश्किल ही नहीं नामुमकिन हो गया है ......

अतः हमने फैसला किया है की ---------- हम लोग मिलकर #भारत_सरकार और #सर्वोच्च_न्यायालय से मांग करें की जो भी सच्चा नागरिक शिक्षित है और जिसकी उम्र 40 वर्ष से अधिक और 70 वर्ष से कम है और उसका जीवन बेदाग है उसे पूरे देश में #भ्र्ष्ट_उद्योगपतियों_सांसदों_मंत्रियों_विधायकों तथा भ्र्ष्ट अफसरों की खुपिया जाँच का अधिकार मिले ,सत्ता में बैठे यहाँ तक की देश के #PMOINDIA में बैठे लोगों के #गद्दार_लुटेरों के साथ #सांठ_गांठ का पता लगाने का भी अधिकार मिले साथ ही ऐसे लोगों को विशेष नागरिक का दर्जा देकर उनको सरकारी आर्थिक सहायता मिले जिससे उनकी #ईमानदारी_नैतिकता_कर्तव्यनिष्ठता आर्थिक अभाव में किसी के हाथ की कठपुतली ना बने और वो #देशहित_समाजहित में देश के लुटेरे गद्दारों को सलाखों के पीछे भेजने में एक अहम् रोल अदा कर सके ,ऐसे विशेष नागरिकों को देश के किसी भी #गांव_शहर में जाकर सरकारी योजनाओं में चल रही धांधली,असामाजिक तत्वों पे कार्यवाही में आपराधिक लापरवाही,महिलाओं के प्रति संगठित अपराध,#ठगी_धोखाधड़ी,रात में भ्र्ष्ट पुलिस अधिकारीयों के #सांठ_गांठ से होने वाले जघन्य अपराध की जाँच का अधिकार हो वो अपनी रिपोर्ट हर तीन महीने पे देश के #प्रधानमंत्री_सर्वोच्चन्यायालय_के_मुख्य_न्यायाधीश और देश के राष्ट्रपति को भेजने के लिए बाध्य होंगें जिसपर एक साल में #तर्कसंगत_न्यायसंगत कार्यवाही करना हर सरकार की बाध्यता होगी क्योकि रिपोर्ट सामाजिक जाँच और नागरिकों से #बात_चीत के आधार पर इकठ्ठा किये गए सबूतों के आधार पर होगा ,जो विशेष नागरिक दुर्भावना,पूर्वाग्रह,नीजि स्वार्थ के आधार पर झूठी रिपोर्ट बनाएंगे उनकी जाँच अधिकारी की पात्रता समाप्त होगी और उनके ऊपर भी कार्यवाही का प्रावधान होगा।  

मेरी हार्दिक इक्षा है की हर #सच्चा_सद्चरित्र नागरिक सरकारी खर्चे पे देश की कुव्यवस्था को मिटाने में निर्धारित समय सीमा में कुछ ऐसा करे की व्यवस्था #सत्य_न्याय_कर्तव्यनिष्ठता के आधार पर चलने लगे जो काम सरकारी कर्मचारियों का है उस काम के लिए देश के नागरिकों को अदालत के चक्कर ना काटना परे।  आप लोगों की क्या राय है इस सोच को कैसे मूर्त रूप दिया जा सकता है और भी बेहतर तरीके से, आपसे निवेदन है ---अपना बहुमूल्य राय जरूर लिखे ...........

बुधवार, 24 अगस्त 2016

झूठा सबूत इकठ्ठा करना ,गवाह को धमकाना और उसको झूठ बोलने के लिए बाध्य करना जघन्य अपराध घोषित हो.........

झूठा सबूत इकठ्ठा करना ,गवाह को धमकाना और उसको झूठ बोलने के लिए बाध्य करना ,सच्चे सबूत को मिटाना,पैसा लेकर झूठ फैसला लिखना ये कुछ ऐसे काम हैं जो आज देश में जघन्य अपराध घोषित हो जाय तो ज्यादातर नामी वकील जेल में होंगे और साथ ही कई उच्च व सर्वोच्च न्यायालय के जज भी ? 
वर्चस्व किसका है ये उतना महत्वपूर्ण नहीं, महत्वपूर्ण ये है की न्यायालय में सत्य पे फैसला होता है या सत्य को झूठ खरीद लेता है पैसों के दम पे ? जज के योग्य बेटे जज बने इसमें कोई बुराई नहीं ,नेता के बेटे नेता बने इसमें भी कोई बुराई नहीं, लेकिन अगर नेता और जज इंसानियत व सत्य का खून चूसने लगे तो बुराई है ?#PMOINDIA #NARENDRMODI #IAS#IPS
#JUSTICEININDIA

शुक्रवार, 16 अगस्त 2013

क्या सर्वोच्च न्यायालय सत्य,न्याय ,ईमानदारी व अच्छाई का कब्रगाह बनता जा रहा है ..... ????????

दोस्तों एक बहुत ही बुरी खबर है की दुर्गा शक्ति नागपाल निलंबन मामला सर्वोच्च न्यायालय ने ख़ारिज कर दिया है ......क्या सर्वोच्च न्यायालय सत्य,न्याय ,ईमानदारी व अच्छाई का कब्रगाह बनता जा रहा है ..... आप लोगों से बिनम्र आग्रह है की इस मुद्दे को हर स्तर पे पूरी ताकत से उठायें .....सर्वोच्च न्यायालय का यह कदम इंसानियत व ईमानदारी के विरुद्ध है जिसका हमसबको मिलकर विरोध करना ही होगा ........

रविवार, 15 मई 2011

आज गणतंत्र,इंसानियत तथा समूचे देश व समाज को बचाने के लिय हर नागरिक को धारण करना होगा नरसिंह अवतार....

उच्च संवेधानिक पदों पे शर्मनाक बेशर्म भ्रष्टाचारियों के बैठे होने से तथा पूरे देश में  इनके कुकर्मी पार्टनर उद्योगपतियों के लूट और अराजकता से इस देश की स्थिति ऐसी हो गयी है जहाँ सत्य बोलना,न्याय की आशा रखना व ईमानदारी से कर्म करना प्रहलाद की भक्ति की तरह हो गया है जिसे हर सत्य के लिए दंड दिया जाता था और जिसके दुखों का अंत भगवान श्री हरी विष्णु ने नरसिंह का अवतार लेकर हिरन्यकश्यप का वध कर किया था | 




आज इस देश की हालत ये है की असत्य,अन्याय,शर्मनाक भ्रष्टाचार,कुकर्म,हरामखोरी
,बेईमानी ,लूट,धोखेबाजी के खिलाफ आवाज उठाने वालों को जेल में डाल दिया जाता है,हर जगह अपमानित व प्रतारित किया जाता है,जो लोग भ्रष्टाचार,अन्याय,कुकर्म को चुपचाप सह लेते हैं वो मुर्दों की तरह जिन्दा हैं और जो लोग शर्मनाक भ्रष्टाचार,कुकर्म,लूट,देश व समाज के साथ गद्दारी,पैसों व उद्योगपतियों की दलाली ,वेश्यावृति व महिलाओं के योन शोषण के व्यापार के वदौलत चुनाव जीतते हैं वो मंत्री,प्रधानमंत्री के पद पर बैठकर ऐश कर रहें हैं....सर्वोच्च न्यायालय के  ज्यादातर न्यायाधीशों पर भी शर्मनाक भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप है तथा न्याय व सत्य को बेचकर अरबपति बनने का प्रमाण है...
 
 
 
आज जो व्यक्ति मायावती,मनमोहन सिंह,सोनिया गाँधी,राहुल गाँधी,शरद पवार,प्रणव मुखर्जी जैसों बेईमानो की हत्या करने की नहीं सोचता वो मन ही मन दलित विरोधी ,सवर्ण विरोधी,गरीब विरोधी,समाज विरोधी,देश का गद्दार तथा इंसानियत का दुश्मन मानता है अपने आपको ....क्योकि इन कुकर्मियों का जिन्दा रहना पूरी इंसानियत के लिए ना सिर्फ शर्मनाक है बल्कि खतरनाक भी है....आज बेईमानों की जय नहीं बल्कि इन साले असंतुलित बेईमानो व धनपशुओं का सर धर से अलग कर देने की जरूरत है और ऐसा करने की शपथ अब इस देश की जनता को लेना ही होगा...कुकर्मियों,गद्दारों व लूटेरों से देश व समाज को बचाना ही धर्मसंगत और एक सच्चे इंसान का कर्तव्य है. जिसकी व्याख्या संविधान में भी है और कानून भी इसकी इजाजत देता है की जब कुकर्मी और भ्रष्टाचारी से अपनी रक्षा करने का कोई उपाय ना हो तो उसकी हत्या करना कानून संगत है ..जब भ्रष्ट जजों पे दवाब होगा तबजाकर सत्य व न्याय की असल परिभाषा लिखी जाएगी अभी तो सत्य व न्याय को भ्रष्ट अरबपति वकीलों व जजों के गठजोड़ से बेचा व ख़रीदा जाता है बस ,यही कारण है की 64 वर्षों के आजाद भारत में एक भी भ्रष्ट मंत्री,सांसद ,विधायक ,जज या अधिकारी को आजीवन कारावास या फांसी की ना तो सजा हुयी है और ना ही इनके काले धन को जप्त कर देश के जरूरत मंदों में बांटा गया है...अब हमें अपने बच्चों को स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने भेजने के वजाय इन भ्रष्ट और कुकर्मी नेताओं की तस्वीर दिखाकर यह बताना और सिखाना होगा की ये सब साले पूरी मानवता के दुश्मन हैं और इनको और इनके खानदान को किसी तरह ख़त्म करना ही तुम्हारे जीवन का लक्ष्य है....वैसे भी इन साले भ्रष्टाचारियों और इनके कुकर्मी उद्योगपतियों ने अब स्कूलों को भी वेश्यालय व ऐय्यासी का अड्डा बना दिया है जहाँ चारित्रिक शिक्षा का तो नामों निशान ही नहीं बल्कि ज्यादातर स्कूल दुकान बन चुके हैं...शिक्षा की निति को इन लोगों ने ऐसा बर्बाद किया है की छात्र पढने के लिए चोरी,पॉकेटमारी व होटलों में काम करने को मजबूर हैं तो छात्रायें  देह बेचने को मजबूर हैं और शिक्षक भडुओं का रोल निभा रहें हैं अपनी नौकरी बचाने तथा पेट पालने के लिए...



निश्चय ही हमारे इस विचार को कुछ लोग हिंसात्मक तथा उग्र विचारों वाला कह सकते हैं लेकिन उनसे मेरी प्रार्थना है की वो अपने आस-पास के किसी सरकारी कार्यालय,अदालत,जिलापदाधिकारी के कार्यालय में जाकर लोगों को अपने अधिकारों के लिए रोज मरते हुए देखें तथा देश में बेतहासा महंगाई व शरद पवार तथा मुकेश अम्बानी जैसों के दौलत में बेतहासा वृद्धि की विवेचना करें जिससे रोज ना जाने कितने लोग मौत को गले लगाते हैं जिसे हमारे देश की पूंजीपतियों की दुकान बन चुकी मिडिया उजागर भी नहीं करती के बारे में एक बार जरूर सोचें...

हालाँकि मैं ऐसे मुद्दों को तथा सत्य,न्याय व ईमानदारी के रास्ते पे चलने वालों को हर हाल में सुरक्षा,सहायता तथा सहयोग के लिए एक IAC-Blog media investigation and social audit wing नाम से एक केंद्र की स्थापना के लिए कई ब्लोगरों के साथ आर्थिक सहयोग तथा इसकी कार्यप्रणाली के संचालन के मुद्दों पर विचार विमर्श कर रहा हूँ ..जिससे ताकतवर कुकर्मियों से सच्चे इंसान की यथा संभव सुरक्षा की जाय | आज हर इंसान के अन्दर असुरों के संघार की शक्ति का सदुपयोग कर भ्रष्ट मंत्रियों,सांसदों,विधायकों तथा अधिकारियों के आसुरी गतिविधयों से सख्ती से निपटने की जरूरत है दूसरा कोई उपाय नहीं है इस देश व समाज में शक्ति के संतुलन की तथा खुद को सुरक्षित करने की ... 

सोमवार, 11 अप्रैल 2011

जन लोकपाल यानि प्रधानमंत्री के पद पर बैठे भ्रष्टाचारी की भी जाँच करने वाला शक्तिशाली पदाधिकारी ....

सरकारी लोकपाल धोखा है,इस देश पे वो ही राज करेगा जो जन लोकपाल बिल पास करेगा जैसे नारों से पिछले तीन महीनों से दिल्ली गूंजती रही और आख़िरकार 5 अप्रेल 2011 से शुरू हुआ अन्ना हजारे जी का अनसन 9 अप्रेल को जन लोकपाल के लिए संयुक्त समिति बनाने का सरकारी नोटीफिकेसन मिलने तथा अन्ना के अनसन की समाप्ति के साथ इन नारों पे लगाम लगकर इस देश में एक स्वतंत्र जाँच एजेंसी के निर्माण की शुरुआत हो गयी जिसका मुखिया जन लोकपाल कहलायेगा | आज हर वो इंसान गर्व महसूस कर रहा है जो इस पूरे अभियान का हिस्सा रहा क्योकि उसे एक ऐसा मंच मिलने वाला है जिसपर वह अपने सांसद,विधायक,मंत्री,जिला पधाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक के भ्रष्टाचार की शिकायत कर पायेगा नियत समय में जाँच पूरी कर कार्यवाही की आशा के साथ | निश्चय ही ये इस देश में सड़ चुकी निगरानी व कार्यवाही की व्यवस्था को जिन्दा करेगा और असल आजाद प्रजातंत्र को मजबूत करेगा |

आपलोग भी देखिये इस मुहीम की कुछ शानदार विडिओ व तस्वीर...
शिव खेरा(समाज सेवक व शोधकर्ता ) दिल्ली के जंतर मंतर पर रात के 11:48 मिनट पर india against corruption की मुहीम में रजिस्टर होते हुए..
रमेश झा जी जो गणित के शिक्षक है दिल्ली विश्वविध्यालय में ने भी अन्ना हजारे जी के साथ पांच दिन आमरण अनसन किया भ्रष्टाचार मुक्त भारत के लिए..
संजीव छिब्बर जो पेशे से केंसर के शल्य चिकित्सक हैं ने भी पांच दिनों तक आमरण अनसन कर अन्ना  हजारे जी के भ्रष्टाचार मुक्त भारत के मुहीम में अपना कीमती योगदान दिया..
युवाओं ने इस मुहीम में पूरे जोश और जुनून के साथ हिस्सा लिया..इस मुहीम की कामयाबी के लिए किसी ने एक साल अपने IAS की तैयारी को टाल दिया तो किसी ने अपने पढाई के साथ साथ इस मुहीम को ज्यादा से ज्यादा वक्त देने का हरसंभव प्रयास किया..
राष्ट्रिय भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति जैसे कई गैर सरकारी संगठनों का जोरदार समर्थन मिला इस मुहीम को..

पूर्व आयकर आयुक्त विश्व बंधू गुप्ता जी ने मुझसे बातचीत में जंतर मंतर पर कहा की कौन कहता है की मनमोहन सिंह इमानदार है...?  इसदेश के सारे बरे मोहरे ही चोर हैं |
इस मुहीम में पत्रकारों ने अपनी नौकरी नहीं बल्कि इस मुहीम को अपना मुहीम समझ कर साथ दिया मेरे मित्र अनुराग मुस्कान ने इस मुहीम की जीत के बाद इसे पूरे देश की जीत व आजादी के बाद का सबसे बरा जश्न बताया ,उनके चेहरे पे पूरे देश की ख़ुशी देखकर मैं भी ख़ुशी से झूम उठा ,इस मुहीम में कई ब्लोगरों ने भी सराहनीय सहयोग दिया जिनमे पदम् सिंह जी ,खुशदीप सहगल जी,अजय कुमार झा जी,रमेश जैन जी,राजेश शर्मा जी इत्यादि का नाम प्रमुख है | काश इस देश के हर व्यक्ति को ख़ुशी मिल जाती इस जन लोकपाल के द्वारा स्थापित सुशासन से ...?

सोमवार, 21 मार्च 2011

आज इस गणतंत्र को आपदा से बचाने के लिए 5 स्टार चरित्र की आवश्यकता है......


आज इस देश में चारो तरफ 5 स्टार मॉल,होटल,एयरपोर्ट,रेलवे स्टेशन इत्यादि बनाने के लिए सैकड़ों व हजारों करोड़ निवेश किये जा रहें हैं ,हर तरफ 5 स्टार सुविधाओं की चमक-धमक को जोर-शोर के साथ प्रचारित और उसको अपनाने को प्रेरित किया जा रहा है | यहाँ यह बता देना आवश्यक है की 5 स्टार प्रमाणपत्र उन्नत किस्म के बेहतर सुविधा के लिए दिया जाने वाला प्रमाणपत्र है |


अब जरा यह देखें की 5 स्टार सुविधा की और अग्रसर होते भारत में क्या वास्तव में 5 स्टार सुविधा सामाजिक व मानवीय सरोकार से भी जुरा है ..?


अगर ईमानदारी से इस सवाल का जवाब तलाश करें तो पायेंगे की 5 स्टार सुविधा तब फायदे मंद है जब पूरे देश में 5 स्टार सरकारी काम-काज की व्यवस्था हो,नागरिक 5 स्टार के कर्तव्य निर्वाह के लिए आतुर व प्रेरित हों,सरकारी कर्मचारी,मंत्री,सांसद तथा विधायक जनहित व देशहित में 5 स्टार चरित्र का पालन करते हों | पूरी सरकारी व्यवस्था तय समय में नागरिकों के मूलभूत जरूरतों जैसे रोटी,कपडा,मकान,शिक्षा ,न्याय इत्यादि को पूरा करने में 5 स्टार रूप में तत्पर हो | लेकिन हमारे देश में 5 स्टार सुविधा के लिए सरकार और निजी क्षेत्र जिस प्रकार से दिल खोलकर निवेश कर रही है उतना ही मानवीय जीवन के लिए मूलभूत साधन की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है | इसकी वजह अगर ढूंढें तो दिमाग पर जोड़ डालने के बाद एक बात जो सबसे पहले आती है वह है हमारे शीर्ष राजनेताओं का चारित्रिक पतन जिसकी वजह से पूरी व्यवस्था 5 स्टार स्तर की बदबूदार हो चुकी है | बेईमान लोग राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसे सत्य व न्याय की रक्षा के लिए सृजित पदों पर पहुँच चुके हैं | किसी भी सरकारी कार्यालय में कोई भी काम बिना रिश्वत या सिफारिस के नहीं होता है,देश के विभिन्न सेवा आयोगों में योग्यता के आधार पर नियुक्ति ना होकर पैसों के बल पर पदों को बेचा जा रहा है,राज्य सभा में त्याग और जनहित की भावना की जगह बेईमान और गद्दार लोग विभिन्न पार्टियों को पैसा देकर सांसद बन रहें हैं ,देश की संसद जिसके ऊपर हर एक नागरिक के हितों और जीवन की रक्षा का दायित्व है वो सिर्फ धनपशुओं की रक्षा और देश को लूटने वाले गद्दारों को बचाने का कानून बनाती है | जिसका सबूत है की 64 वर्षों में लगभग 90 प्रतिशत मंत्री शर्मनाक स्तर के भ्रष्टाचार में लिप्त रहे होंगे लेकिन एक को भी आजीवन कारावास या फांसी नहीं हुयी है | पहले मंत्री लूटते थे लेकिन अब उनके रिश्तेदार भी देश व समाज को लूट रहें हैं ,जिसका ताजा उदाहरण सोनिया गाँधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के अरबपति बनने का है |




देश के राष्ट्रपति के पद के लिए भी इस देश के राजनेताओं को एक व्यक्ति ऐसा नहीं मिला जिसे पूरा देश अंतरात्मा से सम्मान दे सके,मुख्य सतर्कता आयुक्त पी.जे.थोमस की नियुक्ति को सर्वोच्च न्यायलय को अवैध ठहराना परा ,राष्ट्रपति के पद पर प्रतिभा पाटिल और मनमोहन सिंह की प्रधानमंत्री के पद पर नियुक्ति की सूक्ष्म व्यवहारिक विवेचना का अधिकार भी अगर सर्वोच्च न्यायालय को होता तो शायद ये दोनों नियुक्तियां भी अवैध घोषित होने योग्य ही होती ..?



खैर ये बरी लम्बी बहस का मुद्दा है ...हम बात कर रहे थे 5 स्टार की......हमें लगता है की 5 स्टार सुविधा के लिए इस देश में लोग इंसानी संवेदना के साथ गद्दारी करने के साथ-साथ देश व समाज के साथ भी गद्दारी कर रहें हैं | अगर इतने 5 स्टार होटल,माल,एयरपोर्ट बन जाने से 5 स्टार वाली गुणवत्ता आती तो हमारे देश का एक भी मंत्री तो इमानदार होता ...? बल्कि देखा जाय तो ज्यों-ज्यों 5 स्टार सुविधाओं की बढ़ोतरी हो रही है त्यों-त्यों समाज में बेईमानी और सरकार में भ्रष्टाचार का स्तर शर्मनाक रूप से बढ़ रहा है | 5 स्टार होटलों का वे लोग ज्यादातर उपयोग कर रहें हैं जो घोटाले और भ्रष्टाचार कर देश व समाज को ठगतें हैं ,ऐसे लोगों के किस्से कम ही सुनने को मिलतें हैं की 5 स्टार विश्वविध्यालय से पढाई करके कोई छात्र 5 स्टार स्तर की मानवीय सेवा के लिए इस देश के गांव के लोगों की सेवा में तन-मन से जुट गया हो या कोई डॉक्टर इस देश के गांव के लोगों के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया हो | पेट भरना सबकी मजबूरी है लेकिन क्या हमारे देश के राजनेताओं का पेट इतना बरा हो गया है की 5 स्टार स्तर की तरक्की के ढोंग तले पूरी मानवता के आधार संवेदनशील चरित्र को ही बेच देने पर आमादा हैं ...? क्या हम 5 स्टार सुविधा के उपयोग के लिए बेईमानी और देश व समाज के साथ गद्दारी को मजबूर हैं ....? इस देश के अरबपतियों में से कुछ एक को छोर दें तो ऐसा ही प्रतीत होता है की पैसा उनके लिए देश व समाज से बढ़कर है और वे इंसान नहीं धनपशु हैं....?



ऐसे दर्दनाक अवस्था को देखते हुए यही कहा जा सकता है की इस देश को सबसे पहले 5 स्टार चरित्र निर्माण की दिशा में निवेश करने की जरूरत है ,इस देश की सरकार को नागरिकों को ये एहसास कराने की जरूरत है की आप इमानदार और चरित्रवान बनिए सरकारी खजाना आपकी सेवा में हाजिर है लेकिन अगर आप बेईमानी और चरित्रहीन हैं तो आपको फांसी और आजीवन कारावास निश्चित ही नसीब होगा और इस देश के उद्योगपतियों को भी फांसी पे नहीं चढ़ना है तो अपने गद्दारी और इस देश को लूटकर बनाये गए धन,साधन और संसाधन को इस देश में हर नागरिक को उच्च चरित्र और आदर्श इंसान बनाने की चारित्रिक शिक्षा के लिए खर्च करे | ऐसा नहीं करने वाले भ्रष्ट मंत्री व उद्योगपतियों की संपत्ति भी अब जप्त होगी और फांसी या आजीवन कारावास भी होगा...क्योकि असल 5 स्टार चरित्र के मालिक व त्यागी सामाजिक कार्यकर्त्ता अन्ना हजारे जी 5 अप्रेल 2011 से दिल्ली के जंतर मंतर पर भूख हरताल पर बैठ रहें हैं इसी उद्देश्य से और उनके साथ पूरा देश बैठेगा भूख हरताल पर एक न एक दिन | इसलिए आपसब से भी आग्रह है की 5 स्टार चरित्र को अपनाइये और इस देश के भ्रष्ट मंत्रियों,सांसदों,विधायकों तथा उनके धनपशु पार्टनर उद्योगपतियों को भी 5 स्टार स्तर के चरित्र को अपनाने के लिए मजबूर करिये ना की सिर्फ 5 स्टार स्तर की सुविधा अपनाने के लिए....5 अप्रैल 2011 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर जरूर पूरे परिवार के साथ आइये | अभी इस देश,समाज व इंसानियत को सबसे पहले सिर्फ 5 स्टार चरित्र की आवश्यकता है क्योकि चरित्र की कीमत पे पाया गया 5 स्टार सुख-सुविधा किसी इंसान के हित में नहीं |

बुधवार, 19 जनवरी 2011

भ्रष्टाचार के खिलाप जनयुद्ध ही अब इस गणतंत्र को बचा सकता है.........जनयुद्ध के शंखनाद का हिस्सा बनिये 30 जनवरी 2011 को रामलीला मैदान दिल्ली आइये ....

भ्रष्टाचार के खिलाप जनयुद्ध की दिल्ली के चेतनालय में रूप रेखा तैयार करते लोग...
दिल्ली विश्वविध्यालय में 18 जनवरी 2011 को भ्रष्टाचार के खिलाप जनयुद्ध में शामिल होने के लिए छात्र और छात्राओं का आह्वान करते अरविन्द केजरीवाल जी....


भारत जैसे गणतंत्र में आज भ्रष्टाचार बिना किसी जोखिम वाला सबसे ज्यादा फायदा देने वाला धंधा बन चुका है.....ह़र किसी को पता है हजारों करोड़ का घोटाला करों कुछ नहीं होगा.....कोई सजा नहीं होगी बल्कि कई सांसदों को राज्य सभा में जगह दिलाने क़ी व्यवस्था हो जाएगी.....चार करोड़ में IAS ,IPS की नौकरी को खरीद कर अपने बेबकूफ बच्चों को भी IAS तथा IPS बनाने का जुगाड़ हो जायेगा.....


लेकिन इन सबसे अगर कोई सबसे ज्यादा पभावित और पीड़ित है तो वो है ह़र क्षेत्र में कार्यरत इमानदार अधिकारी,कर्मचारी और आम नागरिक जिसका जमीर जिन्दा है.....ऐसे लोग हर क्षेत्र में हैं और इनलोगों ने ही अब भ्रष्टाचार के खिलाप जनयुद्ध की तैयारी शुरू कर दी है जिससे लगता है की अब इस देश के सभी भ्रष्ट मंत्रियों,सांसदों,विधायकों तथा अधिकारियों को ना सिर्फ सजा मिलेगी बल्कि इनको अपने पद तथा काली कमाई से बनायीं गयी संपत्ति से भी हाथ धोना परेगा.....


आप सबको बता दूँ की जनता द्वारा अगर जनयुद्ध होता है तो भ्रष्ट से भ्रष्ट लोग भी सुधर जाते हैं......होँगकोँग 1970 के  दशक तक आज के भ्रष्टाचार के भारत से भी बदतर अवस्था में था जिसके खिलाप तंग आकर वहां के लोग सड़कों पर उतर आये और वहां (ICAC ) Independent Commission Against Corruption नामक स्वतंत्र संस्था का गठन हुआ और  एक साथ 180 में से 119 पुलिस अधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया गया जिससे पूरी नौकरशाही में सन्देश गया की अब भ्रष्टाचार नहीं चलने वाला | नतीजा ये है की हांगकांग आज लगभग भ्रष्टाचार मुक्त देश है और ICAC पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बन चुका है....| इस लिंक पर जाकर इस संस्था के बारे में जाना जा सकता है-http://www.icac.org.hk/en/about_icac/os/index.html


इस देश में भी भ्रष्टाचार के खिलाप एक जनयुद्ध की तैयारी किरण बेदी,जस्टिस संतोष हेगड़े,प्रशांत भूषन,जे.एम .लिंगदोह,स्वामी अग्निवेश,अन्ना हजारे,आर्चविशप विन्सेंट एम. कोंसेसाओ तथा अरविन्द केजरीवाल जैसे लोगों ने इस देश में पारदर्शिता को लाने तथा भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए संघर्षरत जितनी भी संस्था या लोग हैं को साथ लेकर करने का निर्णय लिया है तथा इस देश में UPA सरकार के द्वारा लाया जा रहा लोकपाल बिल नहीं बल्कि जन-लोकपाल बिल लाने जिसमे राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के पदों पर बैठे व्यक्ति की भी जाँच हो सके तथा अपराधी पाये जाने पर आजीवन कारावास के साथ-साथ उनकी सारी संपत्ति भी जप्त की जा सके की व्यवस्था पारदर्शी तरीके से हो की समुचित व्यवस्था होगी के लिए पूरे देश को एकजुट होकर आगे आने का आह्वान किया है |


इसलिए आप सबसे आग्रह है की इस देशव्यापी भ्रष्टाचार के खिलाप जनयुद्ध में तन,मन और धन से ना सिर्फ सहयोग करें बल्कि 30 जनवरी 2011 को दिल्ली के रामलीला मैदान पहुंचकर इस अभियान को अपना अभियान समझें तथा इस जनयुद्ध को इतना प्रभावी बनाये की भ्रष्ट लोगों से भरी सरकार भी भ्रष्टाचारियों के खिलाप ना सिर्फ कार्यवाही करे बल्कि उनकी संपत्ति को जप्त कर जरूरतमंद लोगों में बाँट दे | याद रखिये इस देश की जनता जिसदिन एक स्वर में इन भ्रष्टाचारियों के खिलाप आवाज उठाएगी उसी दिन से इस देश में भ्रष्टाचारियों को इस देश और समाज के साथ गद्दारी को छोड़कर जनसेवा में लगना होगा या ये देश छोड़ना होगा |


आप सबसे यह भी निवेदन है की यह किसी राजनितिक पार्टी का अभियान नहीं है जो भ्रष्ट लोग इसके लिए धन की व्यवस्था करेंगे | अतः इसमें होने वाली सारी व्यवस्था की निगरानी तथा खर्च को भी हमसबको स्वेच्क्षा भरे जन सहयोग से ही उठाना होगा .....आपका धन से सहयोग उतना महत्व नहीं रखता जितना आपका इसमें मन से शामिल होना ...यह अलग बात है की हर ईमानदारी भरे काम के लिए एक निश्चित धन की भी आवश्यकता होती है और इसी मजबूरी की वजह से धन के सहयोग का निवेदन है...अतः जो लोग इसमें धन के रूप में योगदान देना चाहते है वो निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क कर अपना सहयोग कहाँ और कैसे दें के लिए सहायता प्राप्त कर सकते हैं...

यह नंबर हैं-
09968701659 ------------------------स्वाति
09911483629 ------------------------हृषिकेश कुमार
09971900424 ------------------------शिवेंद्र सिंह
09810752301 -------------------------जय कुमार झा
09868069953 --------------------------अरविन्द केजरीवाल जी 

इसके अलावे आपसभी 24 जनवरी 2011 को दिल्ली के गोल डाकखाने के पास भाई बीर सिंह मार्ग पर स्थित चेतनालय में शाम 6 बजे उपस्थित होकर अपने सुझाव,सलाह और सहयोग देने के लिए सादर आमंत्रित हैं..........ह़र भारतीय नागरिक का ये अभियान और जनयुद्ध है.......हमसब इस युद्ध में एक दूसरे के सहयोगी हैं.....

सोमवार, 3 जनवरी 2011

इस गणतंत्र को आज आपके निड़र आवाज क़ी जरूरत है....अब चुप मत रहिये....आप भी बोलिए "भारत बोलेगा "के संग........

 
भ्रष्ट और कुकर्मी मंत्रियों तथा बड़े उद्योगपतियों से इस गणतंत्र को तथा समाज को बचाना है तो अब चुप मत रहिये....आप भी बोलिए "भारत बोलेगा "के संग.......डरिये नहीं भ्रष्टाचारी अगर आपके  नजर में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति क़ी कुर्सी पर भी बैठा हो तो भी बोलिए.....आपका बोलना ही अब इस देश और समाज तथा आपको भी बचा सकता है......इस गणतंत्र को आज आपके निड़र आवाज क़ी जरूरत है....

पढ़िए इस लिंक पर....http://www.bharatbolega.com/archives/1741

रविवार, 17 अक्टूबर 2010

मुकेश अम्बानी साहब आपको नया घर बहुत-बहुत मुबारक हो ....लेकिन आपकी इस गणतंत्र के प्रति भी नैतिक जिम्मेवारी है .....

मुकेश और नीता अम्बानी जी ,जिनको नये आवास की अग्रिम बधाई और शुभकामनायें ...अब आप दोनों कृपाकर अपनी सारी शक्ति इस देश और समाज के लिए लगायें..इसके लिए पूरा देश और समाज आपका आभारी रहेगा ...(चित्र -गूगल से साभार)
मुकेश अम्बानी जी के नये आवास की एक झलक...(चित्र -गूगल से साभार)

मुकेश अम्बानी साहब आपको लगभग 6000 कड़ोर क़ी लागत से बना,173 मीटर ऊँचा,60 मंजिल क़ी ऊंचाई में ज्यादा ऊंचाई वाले 27 मंजिला ,168 कारों के पार्किंग क़ी क्षमता वाला,तीन हेलीपैड-स्विमिंग पूल-झूलता गार्डेन,तथा और भी स्वर्गों जैसी सुविधायुक्त नया आवास बहुत-बहुत मुबारक हो | 


आपने यह आवास कानून द्वारा तर्कसम्मत विधि से अर्जित धन से बनाया है इसलिए इसका विरोध करने का भी किसी को कोई हक़ नहीं ..वैसे भी किसमे हिम्मत है क़ी खुले आम आपका किसी भी बात के लिए विरोध कर सके ...?



मैं आपको कानूनी दायरे से बाहर आकर इंसानियत और नैतिकता में बाँधकर आपसे आग्रह करता हूँ क़ी इस देश को आप जैसे अनुभवी,कर्मठ,शक्तिशाली तथा भाग्यशाली व्यक्ति के अंतरात्मा क़ी सख्त जरूरत है | आज इस देश में इंसानी अंतरात्मा,सच बोलने वाले,न्याय के लिए लड़ने वाले ,ईमानदारी को भगवान के समान मानने वाले लोगों क़ी बड़ी दयनीय स्थिति है खासकर इस देश क़ी आत्मा गांवों में बसती है लेकिन गांवों में स्थिति बेहद शर्मनाक है सत्य,न्याय,ईमानदारी,देशभक्ति तथा इंसानियत के राह क़ी | अब तो लोग इन बातों से कोढ़ के रोग क़ी तरह दूर भाग्तें हैं ...निश्चय क़ी यह आपके साथ-साथ पूरी इंसानियत के लिए भी खतरे क़ी घंटी है |



अतः इतिहास से सबक अगर लिया जाय तो उस साम्राज्य का पताका ज्यादा दिनों तक फहराता रहा है जो अंततः सत्य,न्याय,ईमानदारी तथा इंसानियत को सुरक्षा व सहायता के लिए अपने ताकत का इस्तेमाल किया है | हमारे देश में दुर्भाग्य से उद्योगपतियों क़ी छवि दिनों दिन समाज व इंसानियत विरोधी बनती जा रही है ..चूँकि हिन्दुस्तानी मीडिया इन्ही उद्योगपतियों के सहारे जिन्दा है या यों कहें क़ी उनके व्यवसायिक हित इनसे ही सधती है इसलिए मीडिया में उद्योग पतियों के खिलाप सार्थक आलोचना का भी अब पूरा मामला ही साफ हो गया है जिससे उद्योगपतियों में सामाजिक सरोकार क़ी भावना कहिं ग़ुम सी होती जा रही है |
अतः इन सब बातों के मद्दे नजर आपसे नम्र आग्रह है क़ी अब आपने इस नए आवास के साथ सबकुछ पा लिया है और अब आपको अपने समूह के शुद्ध लाभ का 50% इस देश के ह़र गांव में एक अदद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ,एक इन्टरनेट से सुसज्जित जन समस्या निवारण प्रयास केंद्र ,एक चिकित्सालय जैसे मूलभूत जरूरत जैसे सुविधाओं को स्थापित करने तथा उसके लिए योग्य और इमानदार लोगों को ढूंढकर उसे संचालित  करवाने पर खर्च करना चाहिए | ऐसा करने से आप ना सिर्फ पूंजीपतियों के बीच बल्कि इस देश क़ी आत्मा (गांवों में रहने वाले)से भी सबसे महान उद्योगपति कहलाने योग्य बन जायेंगे | ऐसा करना एक इंसान और भारतीय नागरिक होने के नाते आपका नैतिक दायित्व भी है |

आशा है आप इस मुद्दे पर नए आवास के खुशनुमा माहौल में पहुँचने के बाद सोचना और उस पर अमल करना शुरू कर देंगे | यकिन मानिये ऐसा करने से अम्बानी समूह का सूरज कभी अस्त नहीं हो पायेगा  बल्कि इस देश के आत्मा में भी चमकता रहेगा ....!

शुक्रवार, 8 अक्टूबर 2010

ब्लोगिंग के जरिये गणतंत्र को आगे बढाने का एक अभूतपूर्व आयोजन का सार्थक प्रयास.....


महात्मा गाँधी अंतराष्ट्रीय हिंदी विश्वविध्यालय वर्धा(महाराष्ट्र) के द्वारा 9-10 अक्टूबर को ब्लोगिंग पे आधारित कार्यशाला और विचार गोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है | इस आयोजन का श्रेय विश्वविध्यालय के कुलपति श्री विभूति नारायण राय जी तथा संपरीक्षा अधिकारी श्री सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी जी के ब्लोगिंग के प्रति सम्मान भरी सोच तथा ब्लोगिंग को सामाजिक सरोकार से जोड़ने क़ी उनकी हार्दिक इच्छा को विशेष रूप से दिया जा सकता है | मैं यह पोस्ट वर्धा से प्रकाशित कर रहा हूँ | मैंने यहाँ पहुंचकर श्री रॉय और श्री त्रिपाठी जी द्वारा इस आयोजन में बुलाये गए ब्लोगरों के लिए किये गए व्यवस्था का भी जायजा लिया ,जिसके आधार पर यह कहा जा सकता है क़ी यह विश्वविध्यालय श्री रॉय साहब के कुलपति बनने के बाद समुचित विकास क़ी दिशा में तेजी से बढ़ रहा है और इस विश्वविध्यालय क़ी व्यवस्था काफी अच्छी है | मैं आज श्री विभूति नारायण राय जी से भी मिला जिन्होंने बड़ी गर्मजोशी से मेरा स्वागत किया और हिंदी ब्लोगिंग से जुड़े आयोजन को नियमित करने का भी आश्वासन दिया जो निश्चय ही अन्य विश्वविध्यालयों के लिए अनुकरणीय है | हम श्री राय के आभारी है जिन्होंने हिंदी ब्लोगिंग को सार्थक दिशा देने के लिए एक उम्दा प्रयास किया है तथा  हिंदी  के विकास  के  लिए  स्थापित  एकमात्र   विश्वविध्यालय  को  सही मायने में जमीनी  स्तर  पर  स्थापित करने का भी नेक और सराहनीय काम किया है  |


ये कुछ चित्र हैं जो मैंने आज अपने कैमरे से कैद किये हैं  जिसमे इस विश्वविध्यालय क़ी हरी-भरी व्यवस्था क़ी छवि  दिखती है ....
विश्वविध्यालय का भव्य मुख्य द्वार
मुख्यद्वार पर लगा हिंदी विश्वविध्यालय का बोर्ड जो हिंदी का सम्मान बढ़ाता हुआ...
विश्वविध्यालय का हरा-भरा माहौल जो शिक्षा के लिए अनुकूल है..
विश्वविध्यालय के कुलपति अपने कार्यालय में मेरा गर्मजोशी से स्वागत करने के बाद अकस्मात आये किसी फोन पर बात करते हुए...
कुलपति महोदय का कार्यालय कक्ष
विश्वविध्यालय के संपरीक्षा अधिकारी श्री सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी जी अपने कार्यालय में ...




इस ब्लोगिंग के विकास के कार्यशाला में कल जिन जाने-माने ब्लोगरों के उपस्थित होने की पुष्ट सूचना प्राप्त हुई है उनके नाम इस प्रकार हैं ...
श्री अनूप शुक्ल(कानपूर)
डॉ.कविता वाचक्नवी(लन्दन/इलाहबाद)
श्री अविनाश वाचस्पति(दिल्ली)
श्री यशवंत सिंह(दिल्ली)
श्री सुरेश चिपलूनकर(उज्जैन)
डॉ.ऋषभदेव शर्मा (सिकंदराबाद)
डॉ.(श्रीमती)अजित गुप्ता(उदयपुर)
श्री रविन्द्र प्रभात(लखनऊ)
श्री विवेक सिंह (पानीपत)
श्री जाकिर अली रजनीश(लखनऊ)
श्री प्रवीन पाण्डेय(बंगलौर)
श्री हर्षवर्धन त्रिपाठी(दिल्ली)
श्री प्रियंकर पालीवाल(कलकत्ता)
सुश्री अनीता कुमार (मुंबई)
श्री शैलेश भारतवासी(दिल्ली)
श्री संजय बेंगाणी(अहमदाबाद)
श्री अशोक कुमार मिश्र(मेरठ)
श्री संजीत त्रिपाठी(रायपुर)
डॉ.महेश सिन्हा(रायपुर)
सुश्री गायत्री शर्मा(इंदौर)
श्री विनोद शुक्ल(इलाहाबाद)
तथा मैं जय कुमार झा (दिल्ली) से तो पहुँच ही चुका हूँ...

मंगलवार, 7 सितंबर 2010

इस गणतंत्र को बचाना है तो लोभी,भोगी,स्वार्थी और भ्रष्टाचार को पोषण देने वाले लोगों को देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति जैसे सम्माननीय पदों पर से हटाने के आवाज को बुलंद करना होगा ....

गणतंत्र भ्रष्ट और नैतिकपतन हो चुके लोगों के नेतृत्व क़ी वजह से पूरी तरह अस्त होने क़ी कगार पे है ,जिसका उदय सिर्फ और सिर्फ इन लोगों के खिलाप इस देश के 80 प्रतिशत जनता द्वारा निड़र होकर सड़कों पर निकलकर आवाज उठाने से ही हो सकता है ...

इस प्रधानमंत्री ने न्याय और संवेदनशीलता को एकदम भुला दिया है प्रधानमंत्री क़ी कुर्सी के भोग और विलाश में  , इसने इस देश को पत्थर बनने और भ्रष्टाचार को सहने के लिए मजबूर कर दिया है ,अब तो इसने हद ही कर दी है ...


हमारा हमेशा से मानना रहा है क़ी कोई व्यक्ति किसी पद पर बैठकर महान नहीं बल्कि उस पद क़ी मर्यादा के अनुसार आचरण करने से होता है |




एक तरफ जहाँ सर्वोच्च न्यायालय के एक जज ने न्याय और इंसानियत को जिन्दा करने के लिए अभूतपूर्व निर्णय दिया और शरद पवार जैसे भ्रष्ट मंत्री क़ी वजह से सड़ चुकी व्यवस्था को आदेश दिया क़ी अनाज को सड़ाने से अच्छा है क़ी उसे गरीबों में मुफ्त बाँट दिया जाय | ऐसा आदेश सरकार को देकर सर्वोच्च न्यायालय के माननीय जज ने ना सिर्फ सर्वोच्च न्यायालय के मर्यादा को बढाया बल्कि न्याय और इंसानियत का संतुलन कैसे होता है इसका अभूतपूर्व उदाहरण सरकार और इस देश क़ी जनता के सामने पेश किया | 




वहीँ दूसरी ओर हमारे देश के प्रधानमंत्री जो इस देश क़ी जनता के सेवा के लिए तनख्वाह पाते हैं ,ने इस आदेश के बाद सर्वोच्च न्यायालय को सरकार के नीतिगत मामलों से दूर रहने को कहा | 



ऐसा कहकर मनमोहन सिंह जी ने ना सिर्फ न्याय को हतोत्साहित करने का काम किया है बल्कि भ्रष्टाचार को बढाने तथा शरद पवार जैसे भ्रष्टाचारियों को सरकारी संरक्षण देने क़ी भी कोशिस क़ी है | मनमोहन सिंह जी ने ऐसा बयान देकर अपने मानसिक दिवालियापन और इस देश क़ी जनता के प्रति गंभीर असंवेदनशीलता का परिचय दिया है | अब वक्त आ गया है क़ी हमसब को मिलकर ऐसे निकम्मे प्रधानमंत्री को प्रधानमंत्री जैसे पद को छोड़ने के लिए मुहीम चलाने क़ी जरूरत है | शर्मनाक है मनमोहन सिंह जी का बयान और दिमागी दिवालियापन....?




हम ऐसे अन्याय और भ्रष्टाचार को पोषण देने वाले बयान देने वाले प्रधानमंत्री का पुरजोड़ विरोध करते और हमें इस बात का बेहद दुःख है क़ी एक निकम्मा व्यक्ति हमारे देश के प्रधानमंत्री जैसे सम्माननीय पद पर बैठा है जिससे हमारा देश और समाज नरक बनता जा रहा है | आप सबसे भी आग्रह है क़ी आप लोग भी अपने स्वयं के अंतरात्मा के आवाज पर निड़र होकर इस प्रधानमंत्री के बारे में अपने विचार यहाँ रखें ...  



शर्मनाक के साथ-साथ खतरनाक है क़ी अब ऐसे लोगों को इस देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसे जिम्मेवार और सम्माननीय पदों पर बैठाया जा रहा है जो देश क़ी जनता के प्रति जिम्मेवार होने के वजाय दलालों और भ्रष्टाचारियों के प्रति ज्यादा जवाबदेही दिखाते हैं और जिसकी वजह से इस देश में सत्य,ईमानदारी और इंसानियत लगभग ख़त्म होती जा रही है | शायद इनकी मनसा इस गणतंत्र को दलालों का तंत्र बनाने का है | शायद यही वजह है क़ी शरद पवार और राजा जैसे लोग इन सम्माननीय पदों से भी ऊपर हो गए हैं और इनपर कोई भी कार्यवाही नहीं कर पा रहा है और देश में एक सन्देश जा रहा है क़ी प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के पदों पर बैठा व्यक्ति भी इन भ्रष्टाचारियों के रहमों करम पे  है | 

शुक्रवार, 27 अगस्त 2010

इस गणतंत्र में सच्चे और भ्रष्टाचार के खिलाप लड़ने वालों क़ी औकात भारत सरकार के नजर में एक कुत्ते बिल्ली से ज्यादा कुछ भी नहीं.....?

     

श्री हरी प्रसाद जिसने इस देश के लोकतंत्र के चुनावी प्रक्रिया क़ी धांधली को उजागर करते हुए यह साबित करने का प्रयास किया क़ी मशीन को कैसे हैक कर किसी एक पार्टी को फायदा पहुँचाया जा सकता है इस बात पर ना सिर्फ शोध किया बल्कि उसे प्रमाणित भी किया |
लेकिन श्री हरी प्रसाद को हैदरावाद में मुंबई पुलिस द्वारा उनके आवास से गिरफ्तार करना इस बात को साबित करता है की इस देश में सच्चे लोगों की तथा भ्रष्टाचार के खिलाप लड़ने वालों की औकात भारत सरकार के नजर में एक कुत्ते बिल्ली से ज्यादा कुछ भी नहीं ...?
इस बात को निम्नलिखित तथ्यों से भी प्रमाणित किया जा सकता है ....

1 - भारत सरकार अभी तक संसद भवन पर हमले के आरोपी को फांसी देने में तत्परता नहीं दिखा पाई है ....


2 -आदिवासी लड़की को नंगा घुमाया जाता है दबंगों द्वारा उस पर भारत सरकार की आँखें नहीं खुलती है ...

3 - देश भर में सच्चे सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा RTI कार्यकर्ताओं को कुत्ते-बिल्ली की तरह भ्रष्ट जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा कहीं भी कभी भी मार दिया जाता है ,लेकिन अभी तक किसी को भी भारत सरकार सजा नहीं दे पाई है ... 

4 -चुनाव आयोग में ऐसे कई अधिकारी हैं जिनके पास अड्बों की संपत्ति है क्या उनकी जाँच करने वाला कोई है ...? मुख्य चुनाव आयुक्त को किसी चुनाव सुधार पर शोधकर्ता बनाने के वजाय खेल मंत्री बनाया जाता है और खेल के पीछे भ्रष्टाचार का बेशर्मी भरा खेल खुले आम खेला जाता है ,लेकिन भारत सरकार कोई कार्यवाही नहीं करती है ... 

5 -जब हरी प्रसाद ने शोध के लिए EVM मशीन की मांग की थी और उसे ठुकरा दिया गया था इसी से साबित होता है की EVM मशीन में भारी खामियां है | 

क्योंकि अगर कोई EVM मशीन छेड़-छाड़ करने बाद भी  किसी एक पार्टी के पक्ष में या विपक्ष में कार्य करता रह जाता है तो निश्चय की इस मशीन को बनाने वाली कंपनी तथा इसे खरीदने वाली सरकार तथा इसे चुनाव में लागू करने वाली चुनाव आयोग के मुखिया गुनाहगार हैं ,जिसे देश के साथ और देश के लोकतान्त्रिक प्रक्रिया के साथ गद्दारी करने के लिए फांसी की सजा होनी चाहिए ...इस मशीन में छेड़-छाड़ के बाद इस मशीन का काम करते रहना ही अपने आप में गंभीर खामियां है जिसे कोई मामूली कम्प्यूटर जानकार भी साबित कर सकता है ...

6 -यहाँ यह बात बेहद गंभीर है की डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी ने खुलेआम सोनिया गाँधी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 2009 के आम चुनाव में विदेशी हैकर्स को भारी पैसा देकर अनुबन्धित किया, जो दिल्ली के पाँच सितारा होटलों में बड़े-बड़े तकनीकी उपकरणों के साथ ठहरे थे, और इसकी गहन जाँच होनी चाहिये | निश्चय ही यह देश के अस्तित्व से जुड़ा मामला है इसलिए श्री हरी प्रसाद को EVM मशीन की चोरी के आरोप के साथ-साथ सोनिया गाँधी पर लगे आरोपों की भी जाँच जरूर होनी चाहिए और कानून की नजर में सोनिया गाँधी और हरी प्रसाद को एक नजर से देखा जाना चाहिए | जरूरत पड़े तो इस मामले में चुनाव आयोग के अधिकारियों की भी सख्त जाँच होनी चाहिए और सबकी ब्रेनमेपिंग और लाई डिटेक्टर टेस्ट भी की जानी चाहिए |  

अगर ऐसा नहीं होता है तो देश के सच्चे लोग भ्रष्टाचार के खिलाप लड़ाई को बंद कर दें क्योंकि इस देश में ऐसे लोगों को कभी भी भारत सरकार किसी भी तरह से सुरक्षा नहीं दे सकती ठीक उसी तरह जैसे किसी कुत्ते बिल्ली की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं होती है | जरा सोचिये श्री हरी प्रसाद को गिरफ्तार करने के वजाय उन्हें आरोप पत्र देकर न्यायिक जाँच में सहयोग करने की नोटिस नहीं दी जा सकती थी ..? क्या हरी प्रसाद जैसे सच्चे समाज के हितैषी के साथ इस तरह का व्यवहार उचित है...? विपक्ष तथा मिडिया का इस दिशा में कुछ भी सार्थक नहीं किया जाना निश्चय ही शर्मनाक है ...


खैर हमारे जैसे लोगों के दिल में तो श्री हरी प्रसाद   जैसे लोगों के लिए इस देश के इस वक्त के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के प्रति  सम्मान और श्रधा से भी ज्यादा सम्मान और श्रधा है | श्री हरी प्रसाद जी आज के महात्मा गाँधी हैं जो सत्य और न्याय के लिए निडरता से इस देश की अंग्रेजों से भी ज्यादा भ्रष्ट हो चुकी व्यवस्था के खिलाप लड़ रहें है | ऐसे लोगों को हमारा हार्दिक नमन है और पूरे विश्व के ब्लोगरों से आग्रह है की इस नेक इंसान के पक्ष में आगे आयें और जितना हो सके उनका हरसंभव मदद और सहायता करें | ऐसे लोगों को सरकार में बैठे भ्रष्ट लोगों और किसी राजनितिक पार्टी की नहीं बल्कि पूरे देश के लोगों की सहायता और सहयोग की जरूरत है |

शनिवार, 14 अगस्त 2010

कल गणतंत्र में एक बार फिर आजादी मिल जाएगी ...?

जब तक ऐसे भ्रष्ट नेता देश के विकाश के साधन और संसाधन को खुद का विकाश करने के लिए पूरी आजादी से लूटते रहेंगे और देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री पद पर बैठे लोग ऐसे लोगों पर कोई भी कार्यवाही करने में असमर्थ रहेंगे तबतक देश में आजादी एक ख्वाब और सपना ही रहेगा ..

कल देश के निकम्मे प्रधानमंत्री को 
एक बार फिर कुव्यवस्था को नहीं सुधारने और प्रधानमंत्री जैसे सम्माननीय पद को शर्मसार करने क़ी आजादी मिल जाएगी ..


कल देश में शरद पवार जैसे भ्रष्ट मंत्रियों को देश को लूटने क़ी एक बार फिर आजादी मिल जाएगी...

कल देश में भ्रष्ट जनप्रतिनिधियों को अपनी तनख्वाह,भत्तों और सुख सुविधा को गरीबों का खून चूसकर भी अपने मन मुताबिक बढाने क़ी एक बार फिर आजादी मिल जाएगी ....असली आजादी ...?


कल देश के पुलिस व्यवस्था को इमानदार,सच्चे,देशभक्त,गरीब और लाचार लोगों के किसी भी शिकायत पर कोई भी कार्यवाही नहीं करने क़ी एक बार फिर आजादी मिल जाएगी ...

कल देश के भ्रष्ट जनप्रतिनिधियों और उनके अपराधी प्रतिनिधियों को बैंक तथा जिला प्रशासन के सहयोग से सभी जन्कल्यानकारी योजनाओं को लूटने और देश के विकाश को नकली विकाश में बदलने क़ी एक बार फिर आजादी मिल जाएगी ...



कल देश के गरीब,इमानदार,सच्चे,अच्छे,देशभक्तों को अपमानित होने,भूखे मरने,अन्याय व अत्याचार सहकर मरने तथा सत्य व न्याय के ढोंग के दर्दनाक अवस्था को सहने क़ी एक बार फिर आजादी मिल जाएगी ...

देश के ९०% भ्रष्ट मंत्रियों को अपने मन मुताबिक देश को बेचने और अपना काला धन स्विस बैंक में भरने तथा खुलेआम भ्रष्टाचार का नंगा खेल खेलने क़ी एक बार फिर आजादी मिल जाएगी ... 

कल देश के सभी भ्रष्ट जाँच अधिकारियों को किसी भी घोटाले क़ी जाँच क़ी कागजी कार्यवाही कर पैसा बनाने और किसी भी भ्रष्टाचारी को सजा नहीं देने क़ी आजादी एक बार फिर मिल जाएगी ....




कल देश के भ्रष्ट और एय्यास जजों तथा वकीलों को कानून,सत्य तथा न्याय को खुले आम बेचने और पूरी न्याय व्यवस्था को शर्मसार करने क़ी एकबार फिर आजादी मिल जाएगी ...

कल देश के आम नागरिकों को भी कुव्यवस्था और भ्रष्टाचार के दुर्गन्ध युक्त शासन को एक बार फिर ह़र-हाल में सहने क़ी आजादी मिल जाएगी ...

गुरुवार, 29 जुलाई 2010

सभी ब्लोगरों से आग्रह आप अपने ब्लॉग का एक पोस्ट ऐसे सच्चे और इमानदार गणतंत्र के रक्षक को जरूर समर्पित कीजिये ,तब जाकर कुछ बदलाव आएगा ...

आज जहाँ ज्यादातर विधायक स्वार्थवश देश समाज को लूटने के लिए भ्रष्टाचार और अपने अधिकार का दुरुपयोग कर इस देश और समाज को नरक बनाने पर तुले हुए है ऐसे में श्री सुखराम कोली जैसे सच्चे और बेहद इमानदार विधायकों का होना आशा क़ी एक किरण के रूप में सभी अच्छे,सच्चे,इमानदार व देशभक्त भारतीय नागरिकों के प्रेरणा स्त्रोत का काम कर रहें हैं | ऐसे नेक इंसान को हमारा हार्दिक नमन |

इस महान गणतंत्र"भारत"के राजस्थान राज्य के धौलपुर के बसेड़ी के विधायक सुखराम कोली शिक्षक बनकर स्कूल में पढ़ाना चाहते हैं | महत्वपूर्ण बात यह नहीं क़ी वह बिधायक का पद त्यागकर शिक्षक बनना चाहते हैं |

महत्वपूर्ण बात यह है क़ी श्री सुखराम कोली बेहद इमानदार और सच्चे इंसान हैं और उसका सबूत है -सुखराम कोली के घर के बेडरूम में कूलर तक नहीं है। मनोरंजन के लिए एक छोटा सा ब्लैक एंड व्हाइट टीवी है। विधायक को आवास के रिनोवेशन के लिए लाखों रुपए मिलते हैं लेकिन सुखराम ने एक पाई भी खर्च नहीं क़ी मात्र आधा बीघा जमीन के मालिक सुखराम कोली का विचार है  कि एक शिक्षक बन जाने के बाद यदि मैं 100 लोगों को शिक्षित कर पाऊँ, तो मेरी सबसे बड़ी सफलता होगी। विधायक रहते हुए मैं किसी का भला नहीं कर सकता। यह मेरा विश्वास है।

श्री सुखराम कोली जी को उनके ऐसे विचारों के लिए ब्लॉग पर सबसे पहले नारायण बारेठ  बीबीसी संवाददाता, जयपुर ने अपने ब्लॉग पोस्ट 

पर लिखकर सम्मानित किया था ,उसके बाद राज भाटिया जी ने
पर लिखकर उनको सम्मान देने क़ी कोशिस क़ी और उसके बाद महेश परिमल जी ने
नारायण बारेठ जी

राज भाटिया जी

महेश परिमल जी

इस पोस्ट पर उनके बारे में लिखकर उनको सम्मानित किया | हम इन तीनो व्यक्ति को इनके समाज व देश हित में सोचने वाले एक इमानदार इंसान के बारे में अपने ब्लॉग के जरिये लिखकर सम्मान देने के लिए इनका हार्दिक धन्यवाद करते हैं और उन सभी का आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने अपनी प्रतिक्रियाओं या विचारों से इस नेक इंसान के सम्मान को बढाने के प्रयास को मजबूती दी | हमारा आग्रह है सभी ब्लोगरों से क़ी श्री सुखराम कोली जैसे बेहद इमानदार व नेक इंसान को सम्मान देते हुए अपने ब्लॉग का एक पोस्ट जरूर समर्पित करें | आप ऐसा कर अपने देश व समाज को आगे बढाने के ईमानदारी भरे प्रयास को भी मजबूती प्रदान करेंगे |
 

बुधवार, 21 जुलाई 2010

पूरे गणतंत्र और देश के राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री कि मौत है ये .....बेहद शर्मनाक ..




जब भी देश में एक इमानदार,सत्य,न्याय तथा देशभक्ति के साथ पारदर्शिता के लिए काम कर रहे किसी व्यक्ति को मारा जाता है तो वह उस व्यक्ति कि नहीं बल्कि पूरे गणतंत्र,देश के राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री कि मौत होती है |
अहमदाबाद हाईकोर्ट के सामने शाम 8:30 से 8:45 के बीच दो मोटरसाइकिल सवारों के द्वारा गोली मारकर एकबार फिर एक सच्चे हिन्दुस्तानी तथा RTI कार्यकर्ता  अमित जेठवा को मार दिया गया | इस बार भी इस देशभक्त कि हत्या का आरोप देश के भ्रष्ट जनप्रतिनिधियों पर है जो इसबार BJP से जुड़ा हुआ है और जिसके अवैध खनन के करतूतों को अमित जेठवा उजागर करने पे तुले हुए थे |

निश्चय ही अमित जेठवा जैसे लोगो कि मौत इस देश के गणतंत्र ,राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री कि मौत है | क्योंकि अमित जेठवा जैसे लोग इस देश के राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री से भी महत्वपूर्ण काम कर रहे होते हैं और ऐसे लोगो कि मौत पूरे देश के लिए शर्मनाक है | अमित जेठवा कि मौत पर देश के कर्ताधर्ता को दोषियों को पकरने के लिए वैसे ही हरकत में आना होगा जैसे किसी देश के प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति कि मौत पर हरकत में आते हैं ,तब जाकर  ऐसे मौतों का सिलसिला रुकेगा | 

अमित जेठवा कि मौत से देश में पारदर्शिता व सूचना के अधिकार के कानून कि मौत एकबार फिर हुयी है | हमारा आग्रह इस देश के राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री से है कि अमित जेठवा के हत्यारे को तिन दिनों में पकड़कर सजा दी जाय या अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त को नौकरी से हटाया जाय क्योंकि इस तरह कि हत्या पुलिस अधिकारियों कि गंभीर लापरवाही से ही होते हैं और गणतंत्र रोता है  |

रविवार, 11 जुलाई 2010

असल गणतंत्र,असली आजादी और पुलिस कि भूमिका ........

जरा सोचिये क्या आपके साथ ऐसा हुआ है कभी कि, आपने पुलिस के किसी अधिकारी से किसी के सुरक्षा कि गुहार लगायी हो और वह अधिकारी तुरंत ही उसपर पूरी तत्परता से एक सच्चे समाज सेवक कि तरह लग गया हो और खुद आपको फोन कर यह जानने का कई बार प्रयास कर रहा हो कि "बताइए सुरक्षा पहुंची या नहीं ,दोषियों के खिलाप कार्यवाही हुयी कि नहीं ?"

पिछले दिनों ऐसा ही हुआ हमारे साथ ,हालाँकि  हम हमेशा से मानते रहें हैं कि अभी भी सरकारी व्यवस्था में इमानदार,सच्चे,अच्छे और देशभक्त लोग मौजूद हैं,वह चाहे पुलिस हो,खुपिया व्यवस्था हो ,प्रशासनिक व्यवस्था हो या अन्य किसी भी प्रकार कि सरकारी सेवा हो | लेकिन भ्रष्टाचार का कोढ़ और भ्रष्ट लोगों का दवाब ज्यादातर अधिकारी नहीं झेल पाते हैं जिससे व्यवस्था सडती जा रही है | व्यवस्था को सडन से बचाने के लिए आम लोगों कि निडरता नामक कीटनाशक कि जरूरत है जिससे ना सिर्फ सडन कम होगी बल्कि अच्छे,सच्चे,देशभक्त और इमानदार अधिकारियों में भ्रष्टाचार का कीड़ा भी नहीं लगेगा |

इस देश का एक इमानदार पुलिस अधिकारी जिनका नाम श्री जसवीर सिंह है जो DIG UP पुलिस  के पद पर कार्यरत हैं ने एक सच्चे और इमानदार समाज सेवक कि  तरह काम किया और दूसरे अधिकारियों  श्री नीलेश कुमार SSP बुलंदशहर को भी ईमानदारी से काम करने को प्रेरित कर एक सच्चे ,अच्छे,देशभक्त और ईमानदारी से समाज और देश में बदलाव लाने का प्रयास कर रहे श्री राम बंसल जी को दूर दराज के गांव में भी समुचित सुरक्षा पहुंचाकर असल गणतंत्र,असली आजादी और पुलिस कि भूमिका का सच्चा अहसास  कराया | 

निश्चय ही यह एक ऐसी घटना है जिससे देश भर के सभी पुलिस अधिकारियों को प्रेरणा लेकर ईमानदारी से काम करने कि जरूरत है | उपर्युक्त दोनों पुलिस अधिकारियों कि निडरता भरी कार्यप्रणाली सराहनीय ,वंदनीय व अनुकरणीय है | ऐसे ही अधिकारियों से यह देश और समाज व्यवस्था के सडन के बाबजूद घिसट कर ही सही लेकिन आगे बढ़ रहा है ,जिस दिन ऐसे गिने चुने लोग भी ईमानदारी और अपने कर्तव्य को भूल जायेंगे उस दिन ये देश और समाज नहीं बचेगा |

आप लोग चाहें तो श्री जसवीर सिंह जी को उनके इस नेक और एक पुलिस अधिकारी के रूप में सच्चे समाज सेवक कि तरह काम करने के लिए स्वयं भी उनके इ.मेल- jasvir70@gmail.com पर ईमेल कर आभार व्यक्त कर सकते हैं | श्री जसवीर सिंह जी जैसे लोगों से ही सच्चे,अच्छे,देशभक्त और इमानदार लोगों के जज्बों में  मजबूती आती है |

ऐसे पुलिस अधिकारी गाँधी जी के उस सपने को भी साकार कर रहें है कि "गाँधी जी अपने देश के पुलिस को एक सच्चे सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में देखना चाहते थे " निश्चय ही हमारे देश कि सारी पुलिस  व्यवस्था  जिस दिन से एक सच्चे सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में काम करने लगेगा उस दिन से इस देश और समाज में बदलाव आना शुरू हो जायेगा | भारत सरकार को  श्री जसवीर सिंह जी जैसे लोगों को पुलिस को सामाजिक कार्यकर्ता बनाने का कार्यभार जरूर देना चाहिए ,जिसकी आज बहुत जरूरत है | 

श्री राम बंसल जी आज के सच्चे स्वतंत्रता सेनानी ....

श्री जसवीर सिंह जी आज के स्वतंत्रता सेनानी के रक्षक व सही मायने में एक इमानदार पुलिस अधिकारी जिसमे एक सच्चे सामाजिक कार्यकर्ता का असल जज्बा भी है |