आज कितना बदल गया है इंसान...?

गणतंत्र को बचाना है तो भ्रष्ट मंत्रियों को जनयुद्ध के जरिये सरे आम फांसी देनी होगी......

सोमवार, 21 मार्च 2011

आज इस गणतंत्र को आपदा से बचाने के लिए 5 स्टार चरित्र की आवश्यकता है......


आज इस देश में चारो तरफ 5 स्टार मॉल,होटल,एयरपोर्ट,रेलवे स्टेशन इत्यादि बनाने के लिए सैकड़ों व हजारों करोड़ निवेश किये जा रहें हैं ,हर तरफ 5 स्टार सुविधाओं की चमक-धमक को जोर-शोर के साथ प्रचारित और उसको अपनाने को प्रेरित किया जा रहा है | यहाँ यह बता देना आवश्यक है की 5 स्टार प्रमाणपत्र उन्नत किस्म के बेहतर सुविधा के लिए दिया जाने वाला प्रमाणपत्र है |


अब जरा यह देखें की 5 स्टार सुविधा की और अग्रसर होते भारत में क्या वास्तव में 5 स्टार सुविधा सामाजिक व मानवीय सरोकार से भी जुरा है ..?


अगर ईमानदारी से इस सवाल का जवाब तलाश करें तो पायेंगे की 5 स्टार सुविधा तब फायदे मंद है जब पूरे देश में 5 स्टार सरकारी काम-काज की व्यवस्था हो,नागरिक 5 स्टार के कर्तव्य निर्वाह के लिए आतुर व प्रेरित हों,सरकारी कर्मचारी,मंत्री,सांसद तथा विधायक जनहित व देशहित में 5 स्टार चरित्र का पालन करते हों | पूरी सरकारी व्यवस्था तय समय में नागरिकों के मूलभूत जरूरतों जैसे रोटी,कपडा,मकान,शिक्षा ,न्याय इत्यादि को पूरा करने में 5 स्टार रूप में तत्पर हो | लेकिन हमारे देश में 5 स्टार सुविधा के लिए सरकार और निजी क्षेत्र जिस प्रकार से दिल खोलकर निवेश कर रही है उतना ही मानवीय जीवन के लिए मूलभूत साधन की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है | इसकी वजह अगर ढूंढें तो दिमाग पर जोड़ डालने के बाद एक बात जो सबसे पहले आती है वह है हमारे शीर्ष राजनेताओं का चारित्रिक पतन जिसकी वजह से पूरी व्यवस्था 5 स्टार स्तर की बदबूदार हो चुकी है | बेईमान लोग राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसे सत्य व न्याय की रक्षा के लिए सृजित पदों पर पहुँच चुके हैं | किसी भी सरकारी कार्यालय में कोई भी काम बिना रिश्वत या सिफारिस के नहीं होता है,देश के विभिन्न सेवा आयोगों में योग्यता के आधार पर नियुक्ति ना होकर पैसों के बल पर पदों को बेचा जा रहा है,राज्य सभा में त्याग और जनहित की भावना की जगह बेईमान और गद्दार लोग विभिन्न पार्टियों को पैसा देकर सांसद बन रहें हैं ,देश की संसद जिसके ऊपर हर एक नागरिक के हितों और जीवन की रक्षा का दायित्व है वो सिर्फ धनपशुओं की रक्षा और देश को लूटने वाले गद्दारों को बचाने का कानून बनाती है | जिसका सबूत है की 64 वर्षों में लगभग 90 प्रतिशत मंत्री शर्मनाक स्तर के भ्रष्टाचार में लिप्त रहे होंगे लेकिन एक को भी आजीवन कारावास या फांसी नहीं हुयी है | पहले मंत्री लूटते थे लेकिन अब उनके रिश्तेदार भी देश व समाज को लूट रहें हैं ,जिसका ताजा उदाहरण सोनिया गाँधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के अरबपति बनने का है |




देश के राष्ट्रपति के पद के लिए भी इस देश के राजनेताओं को एक व्यक्ति ऐसा नहीं मिला जिसे पूरा देश अंतरात्मा से सम्मान दे सके,मुख्य सतर्कता आयुक्त पी.जे.थोमस की नियुक्ति को सर्वोच्च न्यायलय को अवैध ठहराना परा ,राष्ट्रपति के पद पर प्रतिभा पाटिल और मनमोहन सिंह की प्रधानमंत्री के पद पर नियुक्ति की सूक्ष्म व्यवहारिक विवेचना का अधिकार भी अगर सर्वोच्च न्यायालय को होता तो शायद ये दोनों नियुक्तियां भी अवैध घोषित होने योग्य ही होती ..?



खैर ये बरी लम्बी बहस का मुद्दा है ...हम बात कर रहे थे 5 स्टार की......हमें लगता है की 5 स्टार सुविधा के लिए इस देश में लोग इंसानी संवेदना के साथ गद्दारी करने के साथ-साथ देश व समाज के साथ भी गद्दारी कर रहें हैं | अगर इतने 5 स्टार होटल,माल,एयरपोर्ट बन जाने से 5 स्टार वाली गुणवत्ता आती तो हमारे देश का एक भी मंत्री तो इमानदार होता ...? बल्कि देखा जाय तो ज्यों-ज्यों 5 स्टार सुविधाओं की बढ़ोतरी हो रही है त्यों-त्यों समाज में बेईमानी और सरकार में भ्रष्टाचार का स्तर शर्मनाक रूप से बढ़ रहा है | 5 स्टार होटलों का वे लोग ज्यादातर उपयोग कर रहें हैं जो घोटाले और भ्रष्टाचार कर देश व समाज को ठगतें हैं ,ऐसे लोगों के किस्से कम ही सुनने को मिलतें हैं की 5 स्टार विश्वविध्यालय से पढाई करके कोई छात्र 5 स्टार स्तर की मानवीय सेवा के लिए इस देश के गांव के लोगों की सेवा में तन-मन से जुट गया हो या कोई डॉक्टर इस देश के गांव के लोगों के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया हो | पेट भरना सबकी मजबूरी है लेकिन क्या हमारे देश के राजनेताओं का पेट इतना बरा हो गया है की 5 स्टार स्तर की तरक्की के ढोंग तले पूरी मानवता के आधार संवेदनशील चरित्र को ही बेच देने पर आमादा हैं ...? क्या हम 5 स्टार सुविधा के उपयोग के लिए बेईमानी और देश व समाज के साथ गद्दारी को मजबूर हैं ....? इस देश के अरबपतियों में से कुछ एक को छोर दें तो ऐसा ही प्रतीत होता है की पैसा उनके लिए देश व समाज से बढ़कर है और वे इंसान नहीं धनपशु हैं....?



ऐसे दर्दनाक अवस्था को देखते हुए यही कहा जा सकता है की इस देश को सबसे पहले 5 स्टार चरित्र निर्माण की दिशा में निवेश करने की जरूरत है ,इस देश की सरकार को नागरिकों को ये एहसास कराने की जरूरत है की आप इमानदार और चरित्रवान बनिए सरकारी खजाना आपकी सेवा में हाजिर है लेकिन अगर आप बेईमानी और चरित्रहीन हैं तो आपको फांसी और आजीवन कारावास निश्चित ही नसीब होगा और इस देश के उद्योगपतियों को भी फांसी पे नहीं चढ़ना है तो अपने गद्दारी और इस देश को लूटकर बनाये गए धन,साधन और संसाधन को इस देश में हर नागरिक को उच्च चरित्र और आदर्श इंसान बनाने की चारित्रिक शिक्षा के लिए खर्च करे | ऐसा नहीं करने वाले भ्रष्ट मंत्री व उद्योगपतियों की संपत्ति भी अब जप्त होगी और फांसी या आजीवन कारावास भी होगा...क्योकि असल 5 स्टार चरित्र के मालिक व त्यागी सामाजिक कार्यकर्त्ता अन्ना हजारे जी 5 अप्रेल 2011 से दिल्ली के जंतर मंतर पर भूख हरताल पर बैठ रहें हैं इसी उद्देश्य से और उनके साथ पूरा देश बैठेगा भूख हरताल पर एक न एक दिन | इसलिए आपसब से भी आग्रह है की 5 स्टार चरित्र को अपनाइये और इस देश के भ्रष्ट मंत्रियों,सांसदों,विधायकों तथा उनके धनपशु पार्टनर उद्योगपतियों को भी 5 स्टार स्तर के चरित्र को अपनाने के लिए मजबूर करिये ना की सिर्फ 5 स्टार स्तर की सुविधा अपनाने के लिए....5 अप्रैल 2011 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर जरूर पूरे परिवार के साथ आइये | अभी इस देश,समाज व इंसानियत को सबसे पहले सिर्फ 5 स्टार चरित्र की आवश्यकता है क्योकि चरित्र की कीमत पे पाया गया 5 स्टार सुख-सुविधा किसी इंसान के हित में नहीं |

1 टिप्पणी:

  1. जब आम देशवासी ही जाति के नाम पर भ्रष्ट नेता चुनते हैं तो फिर क्या किया जा सकता है। बस एक HERO का इंतजार जो कि बाद मैं खुद ही भ्रष्ट हो जायेगा। और अन्ना हजारे,जी के लिये मैं खेद के साथ कहना चाह्ता हूँ कि आप को भी इस मुद्दे की तभी याद आयी जब कि देश में Elections का माहौल बन रहा है और एक पार्टी के नेता आपको ईमानदार दिखते हैं। माफ कीजियेगा, आपके इस रूप की मुझे उम्मीद न थी।
    विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

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